Jhunjhunu Update
झुंझुनूं का नं. 1 न्यूज़ नेटवर्क

झुंझुनूं के नंबरों की फर्जी प्लेट लगाकर ट्रक से की जा रही थी शराब तस्करी, फास्ट टैग ने पकड़वाया

सड़क पर दौड़ रहे थे एक ही नम्बर के 2 ट्रक, एक सब्जी लाता तो दूसरे से शराब तस्करी

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झुंझुनूं । झुंझुनूं के एक जैसे नंबरों के दो ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे थे। पुलिस ने इस मामले में फर्जी नंबर लगे ट्रक को ना केवल पकड़ा है। बल्कि उसके चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि गुजरात के ट्रक पर झुंझुनूं के एक ट्रक के नंबर लगाकर उससे शराब तस्करी की जा रही थी। मामले का खुलासा टोल टैक्स के कारण हुआ।

शहर कोतवाल पवन चौबे ने बताया कि झुंझुनूं शहर के बाकरा मोड़ निवासी मोहम्मद अनिश का एक टाटा 1512 ट्रक है। जो हर दिन जयपुर से झुंझुनूं सब्जी लेकर आता है। पिछले 15—20 दिनों से अनिश के ट्रक का टोल टैक्स कई जगहों पर कट रहा था। पहले तो अनिश ने सोचा कि कोई तकनीकी खामी के कारण पैसे कट रहे है। लेकिन टोल टैक्स लगातार कटे ही जा रहा था। तो 25 मार्च को अनिश ने अपना फास्ट टेग अकाउंट दूसरे बैंक से कनेक्ट कर दिया। बावजूद इसके टोल टैक्स कटना जारी रहा। जब 25 मार्च को अनिश के खाते से सालासर रोड पर स्थापित टोल से टैक्स कटा तो अनिश ने टोल कंपनी से संपर्क किया तो सामने आया कि उनके टोल से एक ट्रक निकला है। जिसका टोल कटा है।

इसके बाद अनिश ने कोतवाली में रिपोर्ट दी और आशंका जताई कि उसके ट्रक नंबर का कोई दूसरा अपने ट्रक पर फर्जी तरीके से लगाकर इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने ट्रक का पीछा किया तो किशनगढ़ के पास ट्रक को पकड़ा। जिस पर अनिश के ट्रक नंबरों वाली फर्जी प्लेट लगी हुई थी। चालक हरियाणा के सिरसा निवासी निर्मल सिंह से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह ट्रक को शराब तस्करी के काम ले रहा है। लेकिन वह सिर्फ ट्रक का ड्राइवर है। उसे नारनौल में एक व्यक्ति ट्रक देता है। जो उसे मध्यप्रदेश तक पहुंचाना होता है। निर्मल ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि अब तक वो दो बार अवैध शराब सप्लाई कर चुका है। बहरहाल, पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

15 दिन में 20 हजार का टोल कटा
परिवादी मोहम्मद अनिश की मानें तो 15—20 दिनों से उसके ट्रक नंबरों से टोल टैक्स कट रहा था। जबकि उसका ट्रक रोजाना जयपुर से झुंझुनूं और झुंझुनूं से जयपुर ही जाता है। बावजूद इसके 1000 रूपए से ज्यादा का टोल भी एक बार में कटा था।

लगातार टोल कटने के मैसेज जब मोबाइल में आ रहे थे। तो वह सहम गया। हजारों में टोल टैक्स कटे जा रहा था। इसके बाद उसने अपना फास्ट टेग अकाउंट से अपना बैंक अकाउंट बदलवा दिया। लेकिन बावजूद इसके टोल टैक्स कटे ही जा रहे थे। 25 मार्च को पहली बार वह कटे हुए टोल टैक्स का पीछा किया। जिसके बाद पता चला कि सालासर रोड पर लगे टोल पर उसका टैक्स कटा है। वहां पर पूछताछ पर सामने आया कि एक ट्रक था डाक पार्सल का। वो गुजरा है। जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत की और पुलिस ने पीछा कर ट्रक को पकड़ा।